'नक्सली या लक्ज़री लवर?' – गिरफ्तार उग्रवादी की हाई-फाई लाइफस्टाइल ने उड़ाए होश
झारखंड के बोकारो में 21 अप्रैल को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 25 लाख का इनामी कुख्यात नक्सली अरविंद यादव ढेर हुआ था. जिला प्रशासन ने उसके परिजनों को शव सौंप दिया है. नक्सली अरविदं लग्जरी जिंदगी जीता था. उसे ब्रांडेड घड़ियों और महंगे कपड़े और जूते पहनने का शौक था. जब वह मुठभेड़ में मारा गया तो उसकी पहचान उसके हाथ में बंधी ब्रांडेड घड़ी से की गई. नक्सली अरविंद यादव जमुई जिले के सोनो प्रखंड के गांव भेलवा मोहनपुर का रहने वाला था.
अरविंद जमुई जिले का हार्डकोर का नक्सली कमांडर था. उसके ऊपर 25 लाख रुपये का इनाम रखा गया था. वह जब भी जमुई, लखीसराय या मुंगेर जिले के जंगलों में जाता तो उसके साथी उसके लिए महंगे गिफ्ट का इंतजाम किया करते थे. वह अपने गुप्तचर से अपने लिए महंगे कपड़े, जूते और ब्रांडेड जूते मंगवाता था. इतना ही नहीं वह सेविंग बनाने के लिए भी महंगे ब्लेड का इस्तेमाल किया करता था.
2008 में बना जोनल नक्सली प्रवक्ता
सोमवार को बोकारो जिला के लुगूबुरु पहाड़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 8 नक्सली मारे गए थे. इनमें अरविंद यादव भी शामिल था. अरविंद अपने परिवार को कोलकाता में रखता था. उसके चार बच्चे हैं. उसने लेवी की रकम से काफी संपत्ति इक्कठा की हुई थी. अरविंद 24 सालों से माकपा माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था. उसे 2008 में जोनल नक्सली प्रवक्ता बनाया गया था.
मारे गए कई इनामी नक्सली
इस मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी केंद्रीय कमेटी के सदस्य विवेक और 10 लाख का इनामी साहेब राम मांझी भी मारा गया है. गृहमंत्रालय ने कहा ने बोकारो में लुगूबुरु पहाड़ में हुई मुठभेड़ में, 8 माओवादियों को मारे जाने की पुष्टि की थी. साथ ही यह भी कहा गया कि ऑपरेशन अभी जारी है. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी संख्या में हथियार और अन्य समान बरामद किया गया. बोकारो के ललपनिया थाना क्षेत्र के मुंडा टोली व सोसो के नजदीक यह मुठभेड़ सोमवार सुबह के समय ही शुरू हुई थी.

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