28 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से हुई UPSC परीक्षा, अभ्यर्थियों को कठिन लगा इस बार का पेपर
रायपुर: UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की ओर से रविवार को UPSC प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई. पिछले साल से इस साल का पेपर कठिन रहा. पेपर में काफी बदलाव भी देखने को मिले. पेपर 1 में पहली बार कैल्कुलेशन वाले सवाल पूछे गए जो कि इकोनॉमिक्स से संबंधित थे. वहीं, पेपर के ज्यादातर कथन कारण वाले सवाल थे. यानी सवाल के ऑप्शन पर तीन स्टेटमेंट दिए गए थे. रायपुर में परीक्षा के लिए 28 सेंटर बनाए गए थे. जहां प्रथम पाली में 59.2 और द्वितीय पाली में 58.4 प्रतिशत परीक्षार्थियों की उपस्थिति रही. यानी लगभग 41 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. एक्सपर्ट ने बताया कि अभी तक पेपर 1 में कैल्कुलेशन वाले सवाल पूछे नहीं जाते थे. पहली बार ऐसे सवाल आए. एक्सपर्ट-2 ने बताया कि पेपर 1 में कथन कारण के जो सवाल पूछे गए, उससे पेपर को और कठिन बना दिया. जिसे टॉपिक की गहरी समझ हो, वही इन्हें हल कर सकता है. हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के लिए हिंदी में प्रश्न अनुवाद की दृष्टि से कठिन और क्लिष्ट प्रकृति के थे. संभवत: अभी भी गूगल ट्रांसलेशन किया जाता है.
सबसे ज्यादा करेंट अफेयर्स के सवाल
पेपर1 में सबसे ज्यादा सवाल करेंट अफेयर्स से पूछे गए. जनरल स्टडीज पेपर में अर्थशास्त्र के 14, पॉजिटिकल के 15, जियोलॉजी के 12, वर्कस जियोलॉजी के 5, इतिहास के 16, पर्यावरण के 5, करेंट अफेयर्स के 20, साइंस के 8 और टेक्नोलॉजी के संबंध में 5 सवाल पूछे गए. पेपर 2 का पेपर काफी कठिन था. इसमें 80 सवाल में सबसे ज्यादा सवाल 20-25 सवाल नंबर सिस्टम से पूछे गए.
पेपर में दिखा सभी क्षेत्रों और विषयों का संतुलन
एक्सपर्ट-2 ने बताया कि UPSC प्रारंभिक परीक्षा का सामान्य अध्ययन का प्रश्न पत्र अर्थव्यवस्था के सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रश्न, संविधान और राजव्यवस्था के घुमावदार मोड़, वर्तमान विज्ञान और तकनीकी प्रगति के प्रति जागरुकता, अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका, इतिहास के निष्कर्ष, मैप आधारित विश्व भूगोल के प्रश्न और भूगोल की सैद्धांतिक जानकारियां, फैक्ट्स पर रीजनिंग का प्रभाव, रक्षा क्षेत्र, खेल और संघीय ढांचे की कार्यरत प्रणाली की समझ, ऐसा ही था. विगत वर्षों से थोड़ा कठिन, लेकिन सभी क्षेत्रों और विषयों का संतुलन दिखा. फिर भी प्रश्न कठिन थे और पूछने का तरीका भी कठिन किया गया है, परम्परागत प्रश्नपत्र और आधुनिक प्रश्नपत्र का समन्वय रहा.
प्रथम में 59.2 व द्वितीय में 58.4त्न उपस्थिति.
- पाली पंजीकृत उपस्थित अनुपस्थित प्रतिशत.
- प्रथम 10053 5951 4102 59.2.
- द्वितीय 10053 5867 4186 58.4.
सवाल: अरघट्टा नामक उपकरण क्या था?
एक्सपर्ट की मानें तो UPSC पेपर के लिए टॉपिक की गहरी समझ होना जरूरी था. पेपर बहुत ही अच्छे थे. सवालों में पूछा गया- गांधीजी ने विख्यात वक्तव्य राजद्रोह मेरा धर्म हो गया है, कब दिया था? सिंचाई में काम आने वाला अरघट्टा नामक उपकरण क्या था?, प्रथम खो-खो विश्व कप के बारे में भी पूछा गया?, मोहनजोदड़ों से प्राप्त नाचती हुई लड़की नामक प्रख्यात नारी लघुमूर्ति किस पदार्थ की बनी है?, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के बारे में विचार कीजिए.
कटऑफ जाएगा 85-90 तक
एक्सपर्ट ने बताया कि दोनों पेपर टफ थे. उसके अनुसार इस साल कटऑफ 85-90 के आसपास ही जाएगा. पिछले एग्जाम UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 में कटऑफ जनरल का 87.98, ईडब्ल्यूएस का 85.92, ओबीसी का 87.28, एससी का 79.03 और एसटी का 74.23 गया था. वहीं, 2023 में 75.41 गया था.

भारत-पाक के बीच परमाणु ठिकानों की लिस्ट का आदान-प्रदान, समझौते के तहत हुई प्रक्रिया
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी