रांची: धनबाद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। झरिया की पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता पूर्णिमा नीरज सिंह के खिलाफ धनबाद अदालत में केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने कैंडल मार्च के दौरान न्यायपालिका और एक जज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।

वकील ने की शिकायत

धनबाद कोर्ट के वकील वकार अहमद ने गुरुवार को यह शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि सोमवार की शाम शहर के रंधीर वर्मा चौक पर कैंडल मार्च के दौरान पूर्णिमा सिंह ने ऐसी बातें कहीं, जो अदालत और जज की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं।

क्यों निकाला गया था कैंडल मार्च?

यह कैंडल मार्च पूर्व भाजपा नेता संजय सिंह की रिहाई के विरोध में आयोजित किया गया था। संजय सिंह पर 2017 में हुए चर्चित हत्याकांड का आरोप था। इसी हत्याकांड में धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और पूर्णिमा सिंह के पति नीरज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

हाल ही में अदालत ने सबूतों के अभाव में संजय सिंह को बरी कर दिया। इसी फैसले का विरोध करने के लिए कांग्रेस नेता पूर्णिमा सिंह और उनके समर्थक सड़कों पर उतरे और मोमबत्तियां जलाकर प्रदर्शन किया। इसी दौरान कथित रूप से उन्होंने जज और न्यायपालिका को लेकर टिप्पणी कर दी।

अदालत की गरिमा से खिलवाड़: वकील

शिकायतकर्ता वकील वकार अहमद ने कहा कि अदालत और न्यायाधीशों के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा— “अगर कोई आम इंसान अदालत की आलोचना करता है तो अलग बात है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती।”

मामला तूल पकड़ता हुआ

धनबाद और झरिया की राजनीति में नीरज सिंह हत्याकांड हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। अब संजय सिंह के बरी होने और पूर्णिमा सिंह पर केस दर्ज होने के बाद यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।