जीएसटी सुधार पर कांग्रेस को दिखाया आईना.....आपके समय रेफ्रिजरेटर और टेलीविजन 30 अब 18 प्रतिशत कर
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में लागू हुए जीएसटी सुधारों की आलोचना कर रहे विपक्षी दलों को खूब खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने यूपीए शासनकाल और वर्तमान जीएसटी व्यवस्था के तहत विभिन्न वस्तुओं पर लगने वाले करों की तुलना कर कहा कि 2014 से पहले उद्योग और एमएसएमई (एमएसएमई) कर आतंक में थे।
उन्होंने नई दिल्ली में प्रेसवार्ता में कहा कि जीएसटी सुधार लागू हो गए हैं, और लोग इन बदलावों से खुश हैं। उन्होंने इस सुधार का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री को दिया।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यूपीए के शासन में, उद्योगों और एमएसएमई पर कर आतंक था। कई करों के जाल को जीएसटी में एकीकृत कर दिया गया था। जब जीएसटी को व्यापक रूप से स्वीकार किया गया, तब अगली पीढ़ी के सुधार लाए गए। कदम दर कदम, देश एक अच्छी स्थिति में पहुँच गया है। मैं इन सुधारों के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूँ। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार की तुलना में सीमेंट, सैनिटरी पैड और जूते पर कर काफी कम हो गया है।
उन्होंने बताया कि सीमेंट पर यूपीए के समय 30 प्रतिशत कर लगता था, अब यह घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। जबकि महिलाओं के जरुरी सैनिटरी पैड पर यूपीए के समय 13 प्रतिशत कर लगता था, अब यह कर-मुक्त है। इतना ही नहीं पेंट पर यूपीए के समय 30 प्रतिशत कर लगता था, अब यह 18 प्रतिशत हो गया है। जूते-चप्पल पर यूपीए के समय 18 प्रतिशत कर लगता था, अब यह 5 प्रतिशत है।
रेफ्रिजरेटर और टेलीविजन पर यूपीए की कांग्रेस सरकार के समय 30 प्रतिशत कर लगता था, अब यह 18 प्रतिशत हो गया है। वैष्णव ने कहा कि ये विलासिता की वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि हर परिवार की जरूरत हैं। डिटर्जेंट, शैम्पू, और कॉफी पर यूपीए के समय 30 प्रतिशत कर लगता था, अब यह घटकर 5 प्रतिशत रह गया है।
वैष्णव के अनुसार, विपक्ष इन सुधारों से इसलिए नाखुश है क्योंकि उनके समय में केवल बातें होती थीं, काम नहीं। उन्होंने कहा कि जीएसटी ने कई करों को एक ही जाल में एकीकृत कर दिया है, जिससे देश एक अच्छी स्थिति में पहुंच गया है।

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