पंजाब के सरकारी महकमों, निकायों व बोर्डों में लंबे समय से अफसरों और कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। इसका प्रतिकूल असर विभागों के कामकाज पर पड़ रहा है। 

इन सरकारी संस्थानों व विभागों में 1 लाख 47 हजार 397 पद रिक्त पड़े हैं। इनमें 83904 पद सरकारी महकमों में खाली हैं। वहीं 63493 रिक्तियां सरकारी निकायों, निगमों व बोर्डों में हैं।

साढ़े तीन साल में 56856 नई नियुक्तियां भी हुई हैं मगर वर्तमान स्थिति यह है कि स्टाफ की कमी और बढ़ते कार्यभार की वजह से कर्मचारियों व अफसरों पर दबाव बढ़ रहा है। क्योंकि ये लोग अतिरिक्त कार्यभार के बोझ तले दबे हुए हैं। कई कर्मचारियों के पास कई सीटों का काम है तो कई अफसर अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं।

सूबे के विभागों में ये रिक्त पद लंबे समय से बने हुए हैं। इस वजह से लोगों को भी अपने काम करवाने के लिए या तो भटकना पड़ता है या फिर वे लंबा इंतजार करने को मजबूर होते हैं। पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों व संस्थानों के कर्मचारी संगठन कई बार अपने-अपने महकमों में रिक्त पदों को भरने की मांग उठाते रहे हैं। पिछले दिनों हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठकों के दौरान भी कर्मचारी संगठनों व एसोसिएशनों के नेताओं ने महकमों में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने की बात सरकारी के समक्ष रखी थी ताकि विभागों का कामकाज सुचारू रूप से चले।

सभी सरकारी रिक्त पद जल्द भरेंगे : सीएम
हमारी सरकार ने साढ़े तीन साल में ईमानदारी से 56856 सरकारी नौकरियां युवाओं को दी हैं। विभागों के यह रिक्त पद पिछली सरकारों की देन हैं जिन्होंने नौकरियों को सिर्फ अपने चहेतों या सिफारिश तक सीमित रखा। प्रतिभाशाली युवा पहले दरकिनार और भ्रष्ट सिस्टम का शिकार थे। हमारी सरकार ने बिना भ्रष्टाचार काबिलियत के बूते सरकारी नौकरियां दीं और खुद उन्हें नियुक्ति पत्र बांटे। प्रयास है हम सभी विभागों के रिक्त पदों को जल्द भर दें। इस दौरान पहली प्राथमिकता यह रहेगी कि हम अफसरों व कर्मचारियों का अतिरिक्त कार्यभार कम करें ताकि उन पर दबाव कम हो।