पंजाब के पानी विवाद पर गरमाई लुधियाना उपचुनाव की सियासत, CM नायब सैनी को दिखाए गए काले झंडे
19 जून को होने वाले लुधियाना पश्चिम उपचुनाव से पहले बीजेपी उम्मीदवार के लिए प्रचार करने आए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को जनता के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. हरियाणा द्वारा पंजाब के जल संसाधनों के दोहन से निराश लोगों ने मुख्यमंत्री के काफिले का विरोध किया, काले झंडे लहराए और ‘पंजाब दे पानी चोर मुर्दाबाद’ के नारे लगाए.
सैकड़ों लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पंजाबियों के बीच दशकों से चले आ रहे जल बंटवारे के मुद्दे पर बढ़ते गुस्से को दर्शाया. प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा और भाजपा नेताओं पर पंजाब के पानी को लूटने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
पंजाब के हिस्से के पानी का गलत इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार पंजाब के हिस्से के पानी का गलत इस्तेमाल कर रही है, जिससे पंजाब का कृषि क्षेत्र संघर्ष कर रहा है. यह असंतोष हरियाणा द्वारा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से पंजाब के हक के पानी के आवंटन के दुरुपयोग से उपजा है. पंजाब की पिछली सरकारें इस मुद्दे पर चुप रहीं, लेकिन मान सरकार ने इस मुद्दे पर दृढ़ता से अपना पक्ष रखा और सुनिश्चित किया कि पंजाब के हक का हिस्सा छीना न जाए.
उपचुनाव में भी छाया पानी का मुद्दा
पंजाब में सिंचाई के लिए नहर के पानी की पहुंच बढ़ाने और जल प्रबंधन में सुधार के लिए मान सरकार के निर्णायक कदमों ने पंजाब के लिए बीबीएमबी से पानी का पूरा कोटा हासिल करने की आवश्यकता को मजबूती से पेश किया. मान सरकार ने पंजाब के पानी की रक्षा करने और राज्य के किसानों व नागरिकों के लाभ के लिए इसका भरपूर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में भी पानी का मुद्दा प्रमुखता से छाया हुआ है.

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