20 दिन बाद 15 घंटे लगातार बारिश से फसलों को मिला अमृत
शिवपुरी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है। बीते 20 दिनों से झुलसा देने वाली धूप और सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे किसानों के लिए सोमवार रात से शुरू हुई झमाझम बारिश किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। लगभग 15 घंटे तक लगातार हुई वर्षा ने खेतों को संजीवनी दी है और सूखती फसलों में फिर से नई जान डाल दी है।
🌾 किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
लगातार बारिश न होने के कारण सोयाबीन, मक्का, मूंग और उड़द जैसी खरीफ फसलें सूखने लगी थीं। किसान परेशान थे कि अगर एक-दो दिन में पानी नहीं बरसा तो पूरे सीजन की मेहनत चौपट हो जाएगी। लेकिन सोमवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों की चिंताओं को खुशी में बदल दिया।
ग्राम सैतवार निवासी किसान रामलाल गुर्जर बताते हैं, “हम तो निराश हो चुके थे, लग रहा था इस बार हाथ कुछ नहीं आएगा। लेकिन भगवान ने हमारी सुन ली। यह बारिश हमारी फसल को बचा लेगी।”
वहीं ग्राम बगौरा के सीता प्रसाद आदिवासी ने कहा, “सोयाबीन की फसल सूखकर पीली पड़ रही थी। लेकिन इस पानी ने उसमें नई जान भर दी है। यह हमारे लिए अमृत समान है।”
💧 जलस्रोतों का स्तर बढ़ा
बारिश से न सिर्फ खेतों को नमी मिली बल्कि तालाब, कुएं और बांधों का जलस्तर भी बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को भी राहत मिलेगी। भू-जल स्तर में सुधार होने से आने वाले दिनों में सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।
🚜 राहत के साथ चिंता भी
हालांकि यह बारिश किसानों के लिए बड़ी राहत है, लेकिन कुछ किसानों की चिंता यह भी है कि अगर इसी तरह लगातार भारी वर्षा होती रही तो खेतों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है, जिससे फसलें सड़ने का खतरा रहेगा। फिलहाल तो यह पानी खरीफ फसलों के लिए अमृत साबित हो रहा है और किसानों की उम्मीदें फिर से जीवित हो गई हैं।
✅ निष्कर्ष
कुल मिलाकर 20 दिन बाद हुई यह 15 घंटे की लगातार बारिश किसानों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। जहां खेतों में हरियाली लौट आई है, वहीं गांव-गांव में किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान देखी जा सकती है। यह बारिश उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं।

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