श्योपुर/शिवपुरी। कराहल क्षेत्र के सेसईपुरा में कूनो पुल के नीचे बसी रेशम कॉलोनी के आदिवासी बस्तीवासियों ने रविवार सुबह श्योपुर-शिवपुरी हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी बस्ती कूनो नदी के डूब क्षेत्र में आ चुकी है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यहां जान और माल का खतरा हमेशा बना रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से प्रशासन से विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई वैकल्पिक जगह उपलब्ध नहीं करवाई गई है। आज जब ग्रामीणों ने मजबूरी में कूनो के रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अपनी झोंपड़ियां डालनी शुरू कीं, तो वन विभाग की टीम ने उन्हें रोक दिया। इससे गुस्साए लोगों ने हाईवे पर पत्थर रखकर चक्का जाम कर दिया।

सूचना मिलते ही कराहल तहसीलदार रोशनी शेख और सेसईपुरा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और प्रशासन के बीच जमकर नोकझोंक हुई। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें उनकी पसंद की जगह पर ही बसाया जाए।

लंबी समझाइश के बाद तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही रेशम कॉलोनी बस्तीवासियों को विस्थापन के लिए उचित राजस्व भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और यातायात बहाल हुआ।

👉 स्थानीय आवाजें

“हर साल बारिश में डर के साए में जीते हैं, अब सुरक्षित जगह चाहिए।”

“हमारे बच्चे तक डूब क्षेत्र में खतरे में हैं, सरकार तुरंत निर्णय ले।”


यह घटना फिर से इस सवाल को खड़ा करती है कि आखिर प्रशासन कब तक इन बस्तीवासियों की समस्याओं पर ठोस कदम उठाएगा?