लुकवासा: सिंध नदी के पुल पर 100 से ज़्यादा मवेशियों का कब्जा, यातायात ठप — राहगीर और स्कूली बच्चे परेशान
लुकवासा (अशोकनगर) – अशोकनगर-ईसागढ़ मार्ग पर लुकवासा चौकी अंतर्गत ग्राम आनंदपुर और पचावली के बीच स्थित सिंध नदी के पुल पर 100 से अधिक मवेशियों के बैठ जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। इस स्थिति से राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मार्ग होने के कारण इस पुल से ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। लेकिन मवेशियों के जमावड़े के कारण वाहन चालकों को खुद उतरकर रास्ता साफ करना पड़ रहा है, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और पैदल यात्रियों को भी डर और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गौशालाओं की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने इस समस्या के लिए प्रशासन और गौशालाओं की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा प्रत्येक गाय पर रोज़ाना ₹40 की अनुदान राशि दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद आवारा मवेशियों की देखभाल नहीं हो पा रही है।
लुकवासा में ही एक गौशाला संचालित हो रही है, जिसमें सैकड़ों मवेशी मौजूद हैं, फिर भी बड़ी संख्या में गायें खुले में घूम रही हैं। लोगों की मांग है कि यदि गौशालाएं ईमानदारी से कार्य करें और प्रशासन निगरानी रखे, तो इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
पहले भी हुई थी चर्चा, लेकिन कार्रवाई नदारद
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व विधायक महेन्द्र सिंह यादव और एसडीएम अनूप श्रीवास्तव द्वारा इस समस्या पर बैठक की गई थी। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि आवारा मवेशियों की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिख रहा।
जनता की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी और प्रभावी समाधान निकाला जाए, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो और स्कूली बच्चों को भी सुरक्षित आवाजाही मिल सके।

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