शिवपुरी ज़िले के ग्राम खोरघार के ग्रामीण आज बुरी तरह परेशान हैं। गांव की मुख्य सड़क दलदल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि बरसात के दिनों में गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कलेक्टर और जनपद पंचायत को तीन बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अफसरों पर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार में अंधे होने का आरोप लगाया।

गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने इस लापरवाही पर सरकार को आईना दिखाने के लिए तुलसीदास जी की चौपाई का उदाहरण दिया –

> “समरथ को नहि दोष गोसाईं।
रहि न सकै जब लगि जगु भाईं॥”

ग्रामीणों ने कहा कि यह चौपाई आज की हकीकत बयान करती है। अफसर और नेता समर्थ हैं, इसलिए चाहे जितना भ्रष्टाचार करें, उन पर कोई सवाल नहीं उठता।

गांव की महिलाओं ने कहा कि टूटी सड़क के कारण बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक ले जाना भी कठिन हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहरा

शिवपुरी ज़िले के ग्राम खोरघार के ग्रामीण आज बुरी तरह परेशान हैं। गांव की मुख्य सड़क दलदल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि बरसात के दिनों में गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कलेक्टर और जनपद पंचायत को तीन बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अफसरों पर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार में अंधे होने का आरोप लगाया।

गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने इस लापरवाही पर सरकार को आईना दिखाने के लिए तुलसीदास जी की चौपाई का उदाहरण दिया –

> “समरथ को नहि दोष गोसाईं।
रहि न सकै जब लगि जगु भाईं॥”

ग्रामीणों ने कहा कि यह चौपाई आज की हकीकत बयान करती है। अफसर और नेता समर्थ हैं, इसलिए चाहे जितना भ्रष्टाचार करें, उन पर कोई सवाल नहीं उठता।

गांव की महिलाओं ने कहा कि टूटी सड़क के कारण बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक ले जाना भी कठिन हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहरा