स्थान: ग्राम पंचायत खोरघार, जिला शिवपुरी

ग्राम पंचायत खोरघार में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जीवित व्यक्ति को ही सरकारी दस्तावेज़ों में मृत घोषित कर दिया गया। इस लापरवाही के चलते उस व्यक्ति को न सिर्फ मानसिक कष्ट झेलना पड़ा बल्कि उसकी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं पर भी रोक लग गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा है। बताया जा रहा है कि सहायक सचिव सचिन के माध्यम से इस पूरे प्रकरण को अंजाम दिया गया।

मृत घोषित किए गए व्यक्ति ने कहा –
"मैं जिंदा हूं, लेकिन कागज़ों में मुझे मार दिया गया है। अब मेरे हक की योजनाएं, पेंशन और राशन सब बंद हो गए।"

इस घटना से गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

🔎 सवाल उठ रहे हैं:

आखिर बिना जांच-पड़ताल के किसी को मृत कैसे घोषित किया गया?

पंचायत सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या है?

क्या इस मामले में जानबूझकर भ्रष्टाचार की कोशिश हुई?


ग्रामवासी चाहते हैं कि जल्द से जल्द उच्च अधिकारियों द्वारा जांच कर जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब ग्रामीण के साथ ऐसा अन्याय न हो।