शिवपुरी जिले की इंचोंनिया पंचायत में सचिवालय बना भ्रष्टाचार का अड्डा – योजनाओं से वंचित ग्रामीणों में भारी आक्रोश
शिवपुरी (मध्य प्रदेश) –
शिवपुरी जिले की इंचोंनिया पंचायत के ग्रामीण इन दिनों पंचायत सचिवालय की लापरवाही और भ्रष्टाचार से बेहद परेशान हैं। सचिवालय के नियमित रूप से न खुलने और नियमों का पालन न होने के कारण गाँव के जरूरतमंद लोग केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।
1. सचिवालय नहीं खुलता समय पर, ग्रामीणों को लगाना पड़ता है ब्लॉक के चक्कर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय अक्सर बंद रहता है। योजनाओं से जुड़ी जानकारी या दस्तावेज जमा करने के लिए जब लोग पहुँचते हैं, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि "सचिव नहीं हैं" या "आज काम नहीं होगा।" मजबूरी में उन्हें बार-बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जहां भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
2. दस्तावेज जमा करने के बाद भी 'गायब' हो जाते हैं कागज़
गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि जब वे अपने आवेदन के साथ जरूरी कागजात लगाते हैं, तो कुछ दिनों बाद कहा जाता है कि "कागज मिले नहीं", "रजिस्टर में नाम नहीं है", या फिर "फिर से लगाओ"। इससे न सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ता है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है।
3. ज़रूरतमंदों की कोई सुनवाई नहीं
गांव के बुजुर्ग, विधवाएं, विकलांग, और गरीब तबके के लोग प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, शौचालय योजना, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड जैसे अधिकारों से वंचित हैं। उन्हें बार-बार टाल दिया जाता है और उनकी समस्याओं की कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
4. बिना रिश्वत नहीं होता काम – ग्रामीणों का गंभीर आरोप
ग्रामीणों और पंचायत से जुड़े कुछ सूत्रों का दावा है कि पंचायत सचिवालय में बिना "सुविधा शुल्क" दिए कोई भी काम नहीं होता। जो लोग रिश्वत देते हैं, उनका काम जल्दी हो जाता है, लेकिन जो नहीं दे सकते, उनके आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं या लंबित रखे जाते हैं। यह सीधा-सीधा भेदभाव और भ्रष्टाचार है।
ग्रामीणों की प्रशासन से मांग – हो जांच, बंद हो रिश्वतखोरी
ग्रामीणों ने शिवपुरी जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही पंचायत सचिवालय को नियमित रूप से खुलवाने और कामकाज को पारदर्शी बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

भारत-पाक के बीच परमाणु ठिकानों की लिस्ट का आदान-प्रदान, समझौते के तहत हुई प्रक्रिया
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी