शिवपुरी, कराहल 
कराहल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर आयोजित कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया जब कराहल जनपद पंचायत की महिला अध्यक्ष बत्तोबाई आदिवासी ने कार्यक्रम में हुए अपने कथित "अपमान" को लेकर नाराजगी जताई।

कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं को आमंत्रित किया गया था। सब कुछ शांतिपूर्वक चल रहा था, लेकिन माहौल तब गरमा गया जब जनपद अध्यक्ष बत्तोबाई आदिवासी को कार्यक्रम स्थल पर एक कोने में साधारण कुर्सी पर बैठा दिया गया। उन्होंने इसे महिला जनप्रतिनिधि के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया और मंच पर ही अपनी नाराजगी जाहिर कर दी।

प्रशासन आया सकते में, आनन-फानन में की गई व्यवस्था

जनपद अध्यक्ष की नाराजगी देखकर आयोजन में शामिल अधिकारी सकते में आ गए। तत्काल प्रोटोकॉल के तहत उनके लिए उपयुक्त कुर्सी की व्यवस्था की गई और माहौल को सामान्य बनाने की कोशिश की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का केक भी जनपद अध्यक्ष बत्तोबाई आदिवासी के हाथों से ही कटवाया गया, ताकि उन्हें उचित सम्मान दिया जा सके।

“बुलाते क्यों हो जब सम्मान नहीं दे सकते?” – जनपद अध्यक्ष

हालांकि, व्यवस्था सुधारने के बाद भी जनपद अध्यक्ष की नाराजगी कम नहीं हुई। उन्होंने खुले मंच से कहा:

“जब मुझ महिला जनप्रतिनिधि का कोई सम्मान ही नहीं है तो मुझे कार्यक्रम में बुलाया ही क्यों जाता है? यहां तो नेता लोग कुर्सियां घेरे रहते हैं, और हमें कोने में बैठा दिया जाता है।”

उनकी इस टिप्पणी ने कार्यक्रम में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों और आयोजकों को असहज कर दिया। कई स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने भी इसे लेकर चिंता जताई कि ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का ध्यान न रखा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

महिलाओं के सम्मान को लेकर गंभीर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं, खासकर महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनपद अध्यक्ष बत्तोबाई आदिवासी आदिवासी समुदाय से आती हैं और लंबे समय से जनसेवा में सक्रिय हैं। ऐसे में सार्वजनिक रूप से उनका अपमान स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।


रिपोर्टर: दीपक रावत
स्थान: कराहल, शिवपुरी
तिथि: 17 सितंबर 2025