जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली कलेक्टर अर्पित वर्मा की रडार पर आ गई है। विभाग में लापरवाही के गंभीर आरोपों के चलते कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लेते हुए श्योपुर और कराहल के सीडीपीओ को उनके पद से हटा दिया है और उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।

कराहल में लगातार आठ वर्षों से पदस्थ सीडीपीओ नितिन मित्तल को पहली बार प्रशासनिक कार्यवाही का सामना करना पड़ा है। उन्हें हटाकर अब सुपरवाइजर सुषमा सोनी को कार्यभार सौंपा गया है। वहीं, श्योपुर के सीडीपीओ गौरव दुबे को भी हटाया गया है और उनका चार्ज हेमलता शर्मा को सौंपा गया है।

कलेक्टर अर्पित वर्मा की इस तत्काल और सख्त कार्यवाही से अन्य विभागों के लापरवाह अधिकारी और कर्मचारी भी सकते में आ गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर अब लगातार विभागीय कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं और लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्यवाही यह संदेश देती है कि प्रशासनिक सुस्ती और जवाबदेही से बचाव अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।